मंगलवार, 21 सितंबर 2010

मेरे पसंदीदा भजन

जग में सुंदर हैं दो नाम


ऐसी लागी लगन मीरा हो गयी मगन


मैया मोरी

7 टिप्‍पणियां:

Dr.Ajit ने कहा…

अनीता जी, सबसे पहले आपका धन्यवाद कि आपने मुझे इस काबिल समझा कि मेरे ब्लाग पर कमेंट किया जा सके। यह सच तीन साल से सक्रिय ब्लागिंग करते हुए भी मुझमे वो कलाकारी नही आयी मै टिप्पणीयों के आदान-प्रदान मे माहिर हो सकूं इसे मेरा प्रमाद समझा जाए न कि कोई अहंकार। आपने मेरे पी.एच.डी.का विषय पूछा है तो वह इस प्रकार से था: 'MENTAL HEALTH AND EMOTIONAL MATURITY OF ADOLESCENTS OF LEGALLY SEPARATED PARENT'
उम्मीद करता हूं कि आप मेरी काहिली और जाहिली को नज़रअन्दाज़ करती हुई मेरे सभी ब्लाग पर आती रहेंगी और मेरी गालबजाई को पढती रहेंगी जहाँ तक टिप्पणी का सवाल है वो आपका मन का मसला मै क्या आग्रह करता शोभा नही देता।

कमेंट बाक्स मे कुछ ज्यादा ही लिख गया हूं इसके लिए माफी चाहूंगा...।

सादर

डा.अजीत

Girish Billore Mukul ने कहा…

अनिता जी
मुझे भी ये भजन बहुत पसंद हैं
शुक्रिया

मुकेश कुमार सिन्हा ने कहा…

achchhe lage saare bhajan!!

sunane ke liye barabar aana parega...:)

Alpana Verma ने कहा…

ये तीनो भजन तो मुझे भी बहुत पसंद हैं.
खासकर अनूप जी गाया' मैया मोरी '.

Rakesh Kumar ने कहा…

आपके कोने में आकर मन भक्ति मगन हो गया.
सुन्दर गीत सुनवाने के लिए बहुत बहुत आभार.

मेरे ब्लॉग पर आपका स्वागत है.

***Punam*** ने कहा…

मन भक्तिमय हो गया....

Anita kumar ने कहा…

धन्यवाद पूनम जी